Duration: (27:1econd) ?Subscribe5835 2025-02-28T19:12:22+00:00
Amrutbol- 214 | संसार सुखाचा करणे म्हणजे परमार्थ | Satguru Shri Wamanrao Pai
(27:1econd)
Amrutbol- 215 | संसार सुखाचा करणे म्हणजे परमार्थ | Satguru Shri Wamanrao Pai
(27:17)
Amrutbol- 333 | परमेश्र्वराची जीवंत मुर्ती- Satguru Wamanrao Pai | Living Idol of God
(24:9)
Amrutbol-354 | सुखी होण्याचा राजमार्ग -Satguru Wamanrao Pai | सद्गुरू श्री वामनराव पै
(24:11)
Amrutbol-534 | शुद्ध करी चित्त..- सद्गुरू श्री वामनराव पै | Satguru Wamanrao Pai
(29:42)
Amrutbol | Part 14 | Satguru Shri Wamanrao Pai - Jagaat Dev Ahe ka (जगात देव आहे का? )
(45:45)
Amrutbol- 216 | संसार सुखाचा करणे म्हणजे परमार्थ | Satguru Shri Wamanrao Pai
(26:43)
Amrutbol-420 | कोणते ज्ञान सुख देऊ शकते ?- सद्गुरू श्री वामनराव पै | Satguru Shri Wamanrao Pai
(24:48)
Karma and its effects- Satguru Shri Wamanrao Pai | Fruits of karma in life
(31:31)
वर्तमान क्षणात जगण्याचे फायदे | Shri Pralhad Wamanrao Pai | Lokmat Bhakti
(56:5)
Power of prayer|प्रार्थनेचे सामर्थ्य- सद्गुरू श्री वामनराव पै | -Satguru Wamanrao Pai | Amrutbol-493
(39:19)
इच्छापूर्तीची अफाट शक्ती तुमच्याजवळच- श्री प्रल्हाद वामनराव पै | Amrutbol-757 | Pralhad Wamanrao Pai
(27:2)
Amrutbol-599 | विचारप्रवाह - सद्गुरू श्री वामनराव पै | Flow of thoughts - Satguru Shri Wamanrao Pai
(34:3)
Amrutbol-602 | आनंदाच्या वाटेवर...- सद्गुरू श्री वामनराव पै | Satguru Shri Wamanrao Pai
(31:50)
अर्ध्या तासाची विश्वप्रार्थना (१०८ वेळा) सद्गुरू श्री वामनराव पै यांच्या आवाजात | Universal Prayer
(30:37)
A simple way to stabilize your mind- Satguru Shri Wamanrao Pai
(24:44)
Amrutbol- 153 | घे भरारी उत्कर्षाच्या दिशेने | Satguru Shri Wamanrao Pai
(44:19)
Amrutbol-592 | अंतर्बाह्य पांडुरंग - सद्गुरू श्री वामनराव पै | Satguru Shri Wamanrao Pai
(30:44)
Amrutbol-494 | वाटचाल...सुखी जीवनाकडे - सद्गुरू श्री वामनराव पै | Satguru Shri Wamanrao Pai
(30:10)
Amrutbol- 294 | घराचा स्वर्ग व जगाचे नंदनवन कधी होईल ? - Satguru Shri Wamanrao Pai
(24:6)
Amrutbol-554 | सुखी करूया साऱ्या जगाला... - सद्गुरू वामनराव पै | Satguru Shri Wamanrao Pai
(31:56)
Amrutbol- 217 | संसार सुखाचा करणे म्हणजे परमार्थ | Satguru Shri Wamanrao Pai
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Amrutbol- 213 | संसार सुखाचा करणे म्हणजे परमार्थ | Satguru Shri Wamanrao Pai
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Amrutbol-455 | जिथे पाहाल तिथे दिव्यत्त्वाची प्रचिती-सद्गुरू श्री वामनराव पै | Satguru Wamanrao Pai
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चांगलं प्रारब्ध भोगायच कसं ? Satguru Shri Wamanrao Pai | Amrutbol Part 46
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Amrutbol- 194 | कशात आहे सुखी जीवनाचे सार ? | Satguru Shri Wamanrao Pai | सद्गुरू श्री वामनराव पै
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Amrutbol-386 | तू जन्माला का आला ? - Satguru Shri Wamanrao Pai | सद्गुरू श्री वामनराव पै
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Amrutbol-604 | मनाचे प्रगटीकरण : शरीर - सद्गुरू श्री वामनराव पै | Satguru Shri Wamanrao Pai
Amrutbol-474 | अंतर्मन हे कल्पतरू - सद्गुरू श्री वामनराव पै | Satguru Shri Wamanrao Pai
(25:38)